Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.149.10-11h: जो दूसरों के धन में आसक्ति नहीं रखते, जो पराई स्त्रियों से सदैव दूर रहते हैं और धर्म से प्राप्त अन्न ही खाते हैं, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥10 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो दूसरों के धन में आसक्ति नहीं रखते, जो पराई स्त्रियों से सदैव दूर रहते हैं और धर्म से प्राप्त अन्न ही खाते हैं, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥10 1/2॥
Those who do not have any attachment for the wealth of others, who always stay away from other's women and eat only the food obtained through Dharma, they go to heaven. ॥10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥