Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.148.7: यह निश्चित है कि यहाँ पाप करने से ब्राह्मण अपने पद और महत्ता से गिर जाता है। अतः श्रेष्ठ कुल में उत्पन्न ब्राह्मण को अपनी मर्यादा की रक्षा अवश्य करनी चाहिए ॥7॥ | mahabharat अध्याय 13.148: ब्राह्मणादि वर्णोंकी प्राप्तिमें मनुष्यके शुभाशुभ कर्मोंकी प्रधानताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह निश्चित है कि यहाँ पाप करने से ब्राह्मण अपने पद और महत्ता से गिर जाता है। अतः श्रेष्ठ कुल में उत्पन्न ब्राह्मण को अपनी मर्यादा की रक्षा अवश्य करनी चाहिए ॥7॥
It is certain that by committing sins here, a Brahmin falls from his position and importance. Therefore, a Brahmin, born in a superior caste, must protect his dignity. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥