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mahabharat 13.148.2: प्राचीन काल में भगवान ब्रह्मा द्वारा निर्मित चार वर्णों में से किस कर्म के फलस्वरूप वैश्य शूद्र पद को प्राप्त होता है? 2॥   |   mahabharat अध्याय 13.148: ब्राह्मणादि वर्णोंकी प्राप्तिमें मनुष्यके शुभाशुभ कर्मोंकी प्रधानताका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.148.2 
चातुर्वर्ण्यं भगवता पूर्वं सृष्टं स्वयम्भुवा।
केन कर्मविपाकेन वैश्यो गच्छति शूद्रताम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में भगवान ब्रह्मा द्वारा निर्मित चार वर्णों में से किस कर्म के फलस्वरूप वैश्य शूद्र पद को प्राप्त होता है? 2॥
 
Among the four varnas created by Lord Brahma in ancient times, as a result of which action does a Vaishya attain Shudra status? 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)