vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 147: उमा-महेश्वर-संवाद, वानप्रस्थ-धर्म तथा उसके पालनकी विधि और महिमा
»
श्लोक d26
श्लोक
13.147.d26
उमोवाच
वैखानसानां वै धर्मं श्रोतुमिच्छाम्यहं प्रभो॥
अनुवाद
वह बोली- प्रभु! अब मैं वैखानस धर्म सुनना चाहती हूँ।
She said-Prabhu! Now I want to listen to the religion of Vaikhanas.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd