श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 147: उमा-महेश्वर-संवाद, वानप्रस्थ-धर्म तथा उसके पालनकी विधि और महिमा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.147.24 
ये च ते पूर्वकथिता धर्मास्ते वनवासिनाम्।
यदि सेवन्ति धर्मांस्तानाप्नुवन्ति तप:फलम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
यदि वे वनवासियों के लिए पहले बताए गए सभी नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें अपनी तपस्या का पूर्ण फल मिलेगा।
 
If they follow all the rules for forest-dwellers that have been explained to you earlier, they will get the full fruits of their austerity. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)