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श्लोक  13.146.d9 
तस्मै ब्रह्मा वरं दातुं जगाम तपसार्चित:॥
दत्त्वा तस्मै वरं देवो वेणुं दृष्ट्वा त्वचिन्तयत्।
 
 
अनुवाद
ऋषि की तपस्या से पूजित भगवान ब्रह्मा उन्हें वरदान देने गए। वरदान देने के बाद, भगवान ब्रह्मा ने वहाँ एक बाँस देखा और उसके उपयोग के बारे में सोचा।
 
Lord Brahma, who was worshipped by the sage's penance, went to grant him a boon. After granting the boon, Lord Brahma saw a bamboo there and thought about its use.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)