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श्लोक d71
श्लोक
13.146.d71
तस्मात् सौम्येन चित्तेन दातव्यं देवि सर्वथा।
सौम्यचित्तस्तु यो दद्यात् तद्धि दानमनुत्तमम्॥
अनुवाद
अतः देवी! दान शुद्ध मन से देना चाहिए; क्योंकि जो कोमल मन से दान देता है, उसका दान सर्वश्रेष्ठ होता है।
So Devi! Donation should be given with a pure heart; Because the one who gives charity with a gentle mind, his donation is the best.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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