श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण  »  श्लोक d49
 
 
श्लोक  13.146.d49 
(क्षत्रियास्तु ततो देवि द्विजानां पालने स्मृता:।
यदि न क्षत्रियो लोके जगत‍् स्यादधरोत्तरम्॥
रक्षणात् क्षत्रियैरेव जगद् भवति शाश्वतम्।
 
 
अनुवाद
देवी! क्षत्रिय ब्राह्मणों का अनुसरण करने के लिए तत्पर रहते हैं। यदि संसार में क्षत्रिय न होते, तो इस संसार में भारी उथल-पुथल या क्रांति हो जाती। क्षत्रियों की रक्षा से ही यह संसार सदैव जीवित है।
 
Goddess! Kshatriyas are ready to follow the Brahmins. If there were no Kshatriyas in the world, there would have been a huge upheaval or revolution in this world. This world always survives due to the protection by the Kshatriyas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)