श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण  »  श्लोक d35
 
 
श्लोक  13.146.d35 
श्रीमहेश्वर उवाच
(एतत्ते कथयिष्यामि यत्ते देवि मन:प्रियम्।
शृणु तत् सर्वमखिलं धर्मं वर्णाश्रमाश्रितम्॥
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर ने कहा- देवी! मैं तुम्हें वह धार्मिक विषय सुनाता हूँ जो तुम्हारे मन को भाए। वर्ण और आश्रम के अनुसार सम्पूर्ण धर्म का पूर्ण वर्णन सुनो।
 
Shri Maheshwar said- Devi! I will tell you about the religious topic which pleases your heart. Listen to the complete description of the entire religion based on the Varnas and Ashramas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)