श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण  »  श्लोक d29
 
 
श्लोक  13.146.d29 
ऋषय ऊचु:
नम: शङ्कर सर्वेश नम: सर्वजगद्‍गुरो।
नमो देवादिदेवाय नम: शशिकलाधर॥
 
 
अनुवाद
ऋषि बोले- सर्वेश्वर शंकर! आपको नमस्कार है। समस्त जगत के गुरुदेव! आपको नमस्कार है। देवों के आदिदेव! आपको नमस्कार है। चन्द्रकलाधारी शिव! आपको नमस्कार है।
 
The sage said—Sarveshwar Shankar! Salutations to you. Gurudev of the entire world! Salutations to you. The primal god of gods! Salutations to you. Chandrakaladhaari Shiva! Salutations to you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)