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श्लोक  13.146.d27 
तस्मान्मयेदं ध्रियते रूपं लोकहितैषिणा।
इति ते कथितं देवि किं भूय: श्रोतुमिच्छसि॥
 
 
अनुवाद
देवी! इसलिए मैंने लोक कल्याण के लिए यह रूप धारण किया है। मैंने तुम्हें अपने रूप का सारा रहस्य बता दिया है, अब तुम और क्या सुनना चाहती हो?
 
Devi! Therefore I have assumed this form for the welfare of the people. I have told you all the secrets of my form, what else do you want to hear?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)