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mahabharat 13.146.d19: मेरी आज्ञा का पालन करने मात्र से ही भूत-प्रेतों का समुदाय इस संसार में किसी को नहीं मार सकता। समस्त जगत के कल्याण के लिए मैं उन भूतों को श्मशान में रखता हूँ। मैंने तुम्हें श्मशान में रहने का पूरा रहस्य बता दिया है। अब तुम और क्या सुनना चाहते हो?   |   mahabharat अध्याय 13.146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.146.d19 
मन्नियोगाद् भूतसंघा न च घ्नन्तीह कंचन।
तांस्तु लोकहितार्थाय श्मशाने रमयाम्यहम्॥
एतत्ते सर्वमाख्यातं किं भूय: श्रोतुमिच्छसि।
 
 
अनुवाद
मेरी आज्ञा का पालन करने मात्र से ही भूत-प्रेतों का समुदाय इस संसार में किसी को नहीं मार सकता। समस्त जगत के कल्याण के लिए मैं उन भूतों को श्मशान में रखता हूँ। मैंने तुम्हें श्मशान में रहने का पूरा रहस्य बता दिया है। अब तुम और क्या सुनना चाहते हो?
 
Only by obeying my orders, the community of ghosts cannot kill anyone in this world. For the benefit of the entire world, I keep those ghosts in the cremation ground. I have told you the whole secret of living in the cremation ground. What else do you want to hear now?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)