श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण  »  श्लोक d13-d14h
 
 
श्लोक  13.146.d13-d14h 
तच्च सोमाय निर्दिश्य ब्रह्मा लोकं गत: पुन:॥
एतत् ते सर्वमाख्यातं शस्त्रागममनिन्दिते।)
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी सोम को गाण्डीव धनुष देकर पुनः अपने लोक को चले गये। अनिंदिते! मैंने तुम्हें अस्त्र-शस्त्र प्राप्ति की पूरी कथा सुनाई।
 
After giving Gandiva bow to Soma, Brahmaji again went to his world. Anindite! I told you the whole story of obtaining weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)