Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.146.91: उमा बोलीं- प्रभु! आपने सत्पुरुषों द्वारा आचरण किये जाने वाले गार्हस्थ्य धर्म और मोक्ष धर्म का वर्णन किया। ये दोनों मार्ग जीव जगत के लिए महान् कल्याणकारी हैं। 91॥ | mahabharat अध्याय 13.146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उमा बोलीं- प्रभु! आपने सत्पुरुषों द्वारा आचरण किये जाने वाले गार्हस्थ्य धर्म और मोक्ष धर्म का वर्णन किया। ये दोनों मार्ग जीव जगत के लिए महान् कल्याणकारी हैं। 91॥
Uma said-Lord! You described Garhasthya Dharma and Moksha Dharma practiced by good men. Both these paths are of great benefit to the living world. 91॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥