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श्लोक 89
श्लोक
13.146.89
चतुर्विधा भिक्षवस्ते कुटीचकबहूदकौ।
हंस: परमहंसश्च यो य: पश्चात् स उत्तम:॥ ८९॥
अनुवाद
संन्यासी चार प्रकार के होते हैं - कुटीचक, बहुदक, हंस और परमहंस। इनमें से परमहंस श्रेष्ठ है।
There are four types of sanyasis- Kutichak, Bahudak, Hans and Paramhansa. The latter is the best among them. 89.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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