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श्लोक  13.146.80 
निवृत्तिलक्षणस्त्वन्यो धर्मो मोक्षाय तिष्ठति।
तस्य वृत्तिं प्रवक्ष्यामि शृणु मे देवि तत्त्वत:॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
इसके अतिरिक्त एक संन्यास धर्म भी है। वह मोक्ष का साधन है। देवि! मैं तुम्हें उसका वास्तविक स्वरूप बताता हूँ, उसे सुनो। 80।
 
Apart from this, there is a religion of retirement. It is the means of liberation. Devi! I will tell you its true nature, listen to it. 80.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)