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श्लोक  13.146.64 
इमे ते लोकधर्मार्थं त्रय: सृष्टा: स्वयम्भुवा।
पृथिव्यां सर्जने नित्यं सृष्टांस्तानपि मे शृणु॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण जगत की रक्षा के लिए तीन प्रकार के धर्म बताए हैं। ये तीनों धर्म पृथ्वी की उत्पत्ति के साथ ही उत्पन्न हुए थे। इन्हें मुझसे सुनो। 64.
 
Brahmaji has prescribed three types of religions for the protection of the entire world. These three religions were created along with the creation of the earth. Listen to them from me. 64.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)