Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.146.61: उमान ने कहा - प्रभु ! आपने चारों वर्णों के लिए अलग-अलग हितकारी और मंगलमय धर्म का वर्णन किया है। अब आप मुझे वह धर्म बताइए जो सब वर्णों के लिए समान रूप से हितकर हो ॥61॥ | mahabharat अध्याय 13.146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उमान ने कहा - प्रभु ! आपने चारों वर्णों के लिए अलग-अलग हितकारी और मंगलमय धर्म का वर्णन किया है। अब आप मुझे वह धर्म बताइए जो सब वर्णों के लिए समान रूप से हितकर हो ॥61॥
Uman said – Lord! You have described the beneficial and auspicious religion separately for the four varnas. Now tell me that religion which is equally useful for all the castes. 61॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥