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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण
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श्लोक 30
श्लोक
13.146.30
न्यायतस्ते महाभागे सर्वश: समुदीरित:।
भूमिदेवा महाभागा: सदा लोके द्विजातय:॥ ३०॥
अनुवाद
महाभागे! मैंने सब प्रकार से तुम्हारा निश्चय कर लिया है। महाभाग ब्राह्मण इस लोक में सदा से भूमिदेव माने गए हैं। 30॥
Mahabhage! I have decided upon you in all respects. Mahabhag Brahmins have always been considered Bhoomidev in this world. 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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