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mahabharat 13.146.106: अग्निहोत्र, पितरों की पूजा (श्राद्ध) और पंच महायज्ञों का अनुष्ठान उनका मुख्य धर्म बताया गया है।   |   mahabharat अध्याय 13.146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.146.106 
तेषामग्निपरिस्पन्द: पितॄणां चार्चनं तथा।
यज्ञानां चैव पञ्चानां यजनं धर्म उच्यते॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
अग्निहोत्र, पितरों की पूजा (श्राद्ध) और पंच महायज्ञों का अनुष्ठान उनका मुख्य धर्म बताया गया है।
 
Agnihotra, worship of ancestors (Shraddha) and the ritual of Pancha Mahayajnas are said to be their main religion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)