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श्लोक  13.146.10 
श्रीमहेश्वर उवाच
सुरभीमसृजद् ब्रह्मा देवधेनुं पयोमुचम्।
सा सृष्टा बहुधा जाता क्षरमाणा पयोऽमृतम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले- हे प्रिये! ब्रह्माजी ने सुरभि नाम की एक गाय उत्पन्न की, जो देवताओं को दूध देती थी और जो मेघ के समान दूधरूपी जल बरसाती थी। सुरभि अनेक रूपों में प्रकट होकर अमृतरूपी दूध बहाती थी॥10॥
 
Shri Maheshwar said- Dear! Brahmaji created a cow named Surabhi who gave milk to the gods and who rained milk-like water like a cloud. Surabhi appeared in many forms flowing nectar-like milk.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)