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mahabharat 13.144.50: ऋषियों के ऐसा कहने पर देवर्षि नारदजी ने यह पूर्व-घटित कथा सुनाई।   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.144.50 
एवमुक्त: स मुनिभिर्नारदो भगवान‍् मुनि:।
कथयामास देवर्षि: पूर्ववृत्तामिमां कथाम्॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
ऋषियों के ऐसा कहने पर देवर्षि नारदजी ने यह पूर्व-घटित कथा सुनाई।
 
When the sages said this, the divine sage Lord Narad narrated this previously occurred story. 50.
 
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि एकोनचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १३९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें एक सौ उनतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १३९॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ५१ श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)