Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.144.48-49: ऋषि बोले - हे प्रभु! मुने! प्रारम्भ से ही तीर्थयात्री मुनियों ने हिमालय पर्वत पर जो अकल्पनीय आश्चर्य देखे और अनुभव किए हैं, उन सबका ऋषिगण के हित के लिए भगवान श्रीकृष्ण से कहिए। 48-49॥ | mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषि बोले - हे प्रभु! मुने! प्रारम्भ से ही तीर्थयात्री मुनियों ने हिमालय पर्वत पर जो अकल्पनीय आश्चर्य देखे और अनुभव किए हैं, उन सबका ऋषिगण के हित के लिए भगवान श्रीकृष्ण से कहिए। 48-49॥
The sage said – Lord! Mune! From the very beginning, tell Lord Krishna for the benefit of the group of sages about all the unimaginable wonders that the pilgrim-oriented sages have seen and experienced on the Himalayan Mountains. 48-49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥