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mahabharat 13.144.46: कुछ लोग उन्हें बधाई देने लगे, कुछ लोग उनकी पूजा और स्तुति करने लगे और कुछ लोग ऋग्वेद की अर्थपूर्ण ऋचाओं से मधुसूदन की स्तुति करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.144.46 
वर्धयन्तस्तथैवान्ये पूजयन्तस्तथापरे।
वाग्भिर्ऋग्भूषितार्थाभि: स्तुवन्तो मधुसूदनम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोग उन्हें बधाई देने लगे, कुछ लोग उनकी पूजा और स्तुति करने लगे और कुछ लोग ऋग्वेद की अर्थपूर्ण ऋचाओं से मधुसूदन की स्तुति करने लगे।
 
Some began to congratulate him, some began to worship and praise him and some began to praise Madhusudan with meaningful verses from the Rig Veda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)