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mahabharat 13.144.44: अतः मैं आप ऋषियों और महात्माओं द्वारा कहे गए वचनों को मनुष्यों की बुद्धि के लिए उत्तेजक समझूँगा और उन्हें सत्पुरुषों की संगति में कहूँगा ॥44॥   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.144.44 
तदहं सज्जनमुखान्नि:सृतं तत्समागमे।
कथयिष्याम्यहमहो बुद्धिदीपकरं नृणाम्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
अतः मैं आप ऋषियों और महात्माओं द्वारा कहे गए वचनों को मनुष्यों की बुद्धि के लिए उत्तेजक समझूँगा और उन्हें सत्पुरुषों की संगति में कहूँगा ॥44॥
 
Therefore, I will consider the words uttered by you sages and saints as a stimulant for the intellect of men and will tell them in the company of good people. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)