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mahabharat 13.144.35: हे ऋषियों! ब्रह्माजी ने मेरी आत्मा को यह संदेश देकर भेजा है कि भगवान शिव स्वयं अपने आधे तेज से तुम्हारे पुत्र बनेंगे॥35॥   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.144.35 
तेन चात्मानुशिष्टो मे पुत्रत्वे मुनिसत्तमा:।
तेजसोऽर्धेन पुत्रस्ते भवितेति वृषध्वज:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
हे ऋषियों! ब्रह्माजी ने मेरी आत्मा को यह संदेश देकर भेजा है कि भगवान शिव स्वयं अपने आधे तेज से तुम्हारे पुत्र बनेंगे॥35॥
 
O sages! Lord Brahma has sent my soul with this message that Lord Shiva himself will become your son by using half of his radiance. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)