Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.144.34: मेरे शरीर में स्थित प्राण अग्नि रूप में निकलकर सब लोकों के स्वामी ब्रह्माजी के लोक में, जो सबको वर देने वाले हैं, उनके दर्शन करने के लिए चले गए ॥ 34॥ | mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरे शरीर में स्थित प्राण अग्नि रूप में निकलकर सब लोकों के स्वामी ब्रह्माजी के लोक में, जो सबको वर देने वाले हैं, उनके दर्शन करने के लिए चले गए ॥ 34॥
The life force present in my body came out in the form of fire and went to the world of Brahmaji, the lord of all worlds, to see him who bestows boons to everyone. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥