Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.144.33: मैं तपस्या द्वारा अपने ही समान वीर्यवान पुत्र प्राप्त करने की इच्छा से व्रत करने के लिए इस शुभ पर्वत पर आया हूँ ॥33॥   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  13.144.33 
व्रतं चर्तुमिहायातस्त्वहं गिरिमिमं शुभम्।
पुत्रं चात्मसमं वीर्ये तपसा लब्धुमागत:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
मैं तपस्या द्वारा अपने ही समान वीर्यवान पुत्र प्राप्त करने की इच्छा से व्रत करने के लिए इस शुभ पर्वत पर आया हूँ ॥33॥
 
I have come to this auspicious mountain to fast with the desire to get a son with semen like myself through penance. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)