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mahabharat 13.144.22: इस अद्भुत एवं अकल्पनीय घटना को देखकर ऋषियों का समूह आश्चर्यचकित एवं रोमांचित हो गया। उनके नेत्र हर्षाश्रुओं से भर गए।   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.144.22 
तमद्भुतमचिन्त्यं च दृष्ट्वा मुनिगणस्तदा।
विस्मितो हृष्टरोमा च बभूवास्राविलेक्षण:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
इस अद्भुत एवं अकल्पनीय घटना को देखकर ऋषियों का समूह आश्चर्यचकित एवं रोमांचित हो गया। उनके नेत्र हर्षाश्रुओं से भर गए।
 
Seeing this wonderful and unimaginable event, the group of sages became astonished and thrilled. Their eyes were filled with tears of joy. 22.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)