Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.143.8: "न मैं उसका हूँ, न वह मेरा है। फिर भी यदि मैं उसे कुछ न दूँ, तो वह अपमानित होगा और मुझे हानि पहुँचाएगा।" इसी भय से जब कोई विद्वान् मनुष्य मूर्ख को दान देता है, तो वह भय पर आधारित दान है। | mahabharat अध्याय 13.143: पाँच प्रकारके दानोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"न मैं उसका हूँ, न वह मेरा है। फिर भी यदि मैं उसे कुछ न दूँ, तो वह अपमानित होगा और मुझे हानि पहुँचाएगा।" इसी भय से जब कोई विद्वान् मनुष्य मूर्ख को दान देता है, तो वह भय पर आधारित दान है।
"Neither I belong to him nor he belongs to me. Still if I do not give him anything, he will be insulted and harm me." Out of this fear, when a learned man gives alms to a fool, then it is a charity based on fear. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥