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श्लोक 13.142.29  |
तेषां प्रतिष्ठिता कीर्तिर्यावत् स्थास्यति मेदिनी।
गृहस्थैर्दानतपसा यैर्लोका वै विनिर्जिता:॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| जिन गृहस्थों ने दान और तप के बल से उच्च लोकों को जीत लिया है, उनकी कीर्ति इस लोक में तब तक स्थापित रहेगी जब तक यह पृथ्वी रहेगी ॥29॥ |
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| The fame of those householders who have conquered the higher worlds by the power of charity and austerity will remain established in this world as long as this earth exists. ॥ 29॥ |
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