श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 142: दानसे स्वर्गलोकमें जानेवाले राजाओंका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  13.142.29 
तेषां प्रतिष्ठिता कीर्तिर्यावत् स्थास्यति मेदिनी।
गृहस्थैर्दानतपसा यैर्लोका वै विनिर्जिता:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जिन गृहस्थों ने दान और तप के बल से उच्च लोकों को जीत लिया है, उनकी कीर्ति इस लोक में तब तक स्थापित रहेगी जब तक यह पृथ्वी रहेगी ॥29॥
 
The fame of those householders who have conquered the higher worlds by the power of charity and austerity will remain established in this world as long as this earth exists. ॥ 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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