श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 142: दानसे स्वर्गलोकमें जानेवाले राजाओंका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  13.142.26 
कौैत्साय दत्त्वा कन्यां तु हंसीं नाम यशस्विनीम्।
गतोऽक्षयानतो लोकान् राजर्षिश्च भगीरथ:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
राजर्षि भगीरथ अपनी प्रसिद्ध पुत्री हंसिका का दान ऋषि कौत्स को करके अक्षय लोक में चले गये हैं। 26॥
 
Rajarshi Bhagiratha has gone to the Akshaya Lokas after donating his famous daughter Hansika to Rishi Kautsa. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)