श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 142: दानसे स्वर्गलोकमें जानेवाले राजाओंका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  13.142.11 
निमी राष्ट्रं च वैदर्भि: कन्यां दत्त्वा महात्मने।
अगस्त्याय गत: स्वर्गं सपुत्रपशुबान्धव:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
विदर्भ के पुत्र राजा निमि अपनी कन्या और राज्य अगस्त्य मुनि को दान करके पुत्र, पशु और बन्धु-बान्धवों सहित स्वर्ग को चले गए ॥11॥
 
King Nimi, son of Vidarbha, donated his daughter and kingdom to sage Agastya and went to heaven along with his son, animals and relatives. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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