Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.141.3: भीष्म बोले, 'हे राजन! मैं तुम्हें वह प्रायश्चित बता रहा हूँ जिससे श्रेष्ठ ब्राह्मणों से दान लेने और भोजन करने के पाप से मुक्ति मिलती है। सुनो।' | mahabharat अध्याय 13.141: दान लेने और अनुचित भोजन करनेका प्रायश्चित्त । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
हन्त वक्ष्यामि ते राजन् ब्राह्मणानां महात्मनाम्।
प्रतिग्रहेषु भोज्ये च मुच्यते येन पाप्मन:॥ ३॥
अनुवाद
भीष्म बोले, 'हे राजन! मैं तुम्हें वह प्रायश्चित बता रहा हूँ जिससे श्रेष्ठ ब्राह्मणों से दान लेने और भोजन करने के पाप से मुक्ति मिलती है। सुनो।'
Bhishma said, 'O King! I am telling you the atonement by which one can be freed from the sins of accepting gifts and eating food from great Brahmins. Listen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥