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mahabharat 13.141.15: जो ब्राह्मण, जिसके घर में कोई व्यक्ति मर गया हो, उसके घर में अंतिम संस्कार के तीसरे दिन भोजन करता है, वह बारह दिनों तक प्रतिदिन तीन बार स्नान करके शुद्ध हो जाता है।   |   mahabharat अध्याय 13.141: दान लेने और अनुचित भोजन करनेका प्रायश्चित्त   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.141.15 
मृतकस्य तृतीयाहे ब्राह्मणो योऽन्नमश्नुते।
स त्रिवेलं समुन्मज्ज्य द्वादशाहेन शुध्यति॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो ब्राह्मण, जिसके घर में कोई व्यक्ति मर गया हो, उसके घर में अंतिम संस्कार के तीसरे दिन भोजन करता है, वह बारह दिनों तक प्रतिदिन तीन बार स्नान करके शुद्ध हो जाता है।
 
A Brahmin who takes food on the third day of the funeral in the house of one in whose house a person has died, becomes pure by taking a bath three times a day for twelve days.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)