Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.140.19: यदि कोई ब्राह्मण गौहत्या करने वाले, ब्राह्मण की हत्या करने वाले, मद्यपान करने वाले तथा व्यभिचार करने वाले के यहाँ भोजन करता है, तो वह ब्राह्मण राक्षस कुल का निर्माता होता है ॥19॥ | mahabharat अध्याय 13.140: जिनका अन्न ग्रहण करने योग्य है और जिनका ग्रहण करने योग्य नहीं है, उन मनुष्योंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गोघ्ने च ब्राह्मणघ्ने च सुरापे गुरुतल्पगे।
भुक्त्वान्नं जायते विप्रो रक्षसां कुलवर्धन:॥ १९॥
अनुवाद
यदि कोई ब्राह्मण गौहत्या करने वाले, ब्राह्मण की हत्या करने वाले, मद्यपान करने वाले तथा व्यभिचार करने वाले के यहाँ भोजन करता है, तो वह ब्राह्मण राक्षस कुल का निर्माता होता है ॥19॥
If a Brahmin eats food at the place of a person who slaughters a cow, kills a Brahmin, drinks alcohol and commits adultery, the Brahmin becomes the creator of the clan of demons. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥