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श्लोक 13.14.d82  |
श्रीभगवानुवाच
विशस्व सलिलं सौम्य सुखमत्र वसामहे। |
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| अनुवाद |
| श्री भगवान बोले- सौम्य! तुम भी जल में प्रवेश करो। हम दोनों यहाँ सुखपूर्वक रहेंगे। |
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| Sri Bhagavan said-Soumya! You also enter the water. We both will live here happily. |
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