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mahabharat 13.14.d18: समस्त दैत्यों और दानवों को पराजित करके परम बुद्धिमान श्री हरि देवताओं के सामने से अन्तर्धान हो गये।   |   mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा  »  श्लोक d18
 
 
श्लोक  13.14.d18 
स विजित्यासुरान् सर्वान् दानवांश्च महामति:।
पश्यतामेव देवानां तत्रैवान्तरधीयत॥
 
 
अनुवाद
समस्त दैत्यों और दानवों को पराजित करके परम बुद्धिमान श्री हरि देवताओं के सामने से अन्तर्धान हो गये।
 
After defeating all the demons and demons, the most intelligent Shri Hari passed away in front of the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)