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mahabharat 13.14.d174: विहंगम! ये सभी वस्तुएँ उसी ब्रह्म से उत्पन्न हैं। वह शुद्ध एवं सर्वव्यापी ईश्वर इन सबके द्वारा सब कुछ उत्पन्न करने में समर्थ है।   |   mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.14.d174 
तस्माच्चैतानि सर्वाणि प्रजायन्ते विहङ्गम॥
सर्वेभ्यश्च स तेभ्यश्च प्रभवत्यमलो विभु:।
 
 
अनुवाद
विहंगम! ये सभी वस्तुएँ उसी ब्रह्म से उत्पन्न हैं। वह शुद्ध एवं सर्वव्यापी ईश्वर इन सबके द्वारा सब कुछ उत्पन्न करने में समर्थ है।
 
Vihangam! All these things are generated from the same Brahman. That pure and omnipresent God is capable of generating everything through all of them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)