Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.14.d17: महाराज! युद्धभूमि में दैत्यों और दानवों के प्रधान योद्धा भगवान् से युद्ध करके उसी प्रकार नष्ट हो गए, जैसे पतंगे अग्नि में कूदकर अपने प्राण त्याग देते हैं। | mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं समासाद्य समरे दैत्यदानवपुङ्गवा:।
व्यनश्यन्त महाराज पतङ्गा इव पावकम्॥
अनुवाद
महाराज! युद्धभूमि में दैत्यों और दानवों के प्रधान योद्धा भगवान् से युद्ध करके उसी प्रकार नष्ट हो गए, जैसे पतंगे अग्नि में कूदकर अपने प्राण त्याग देते हैं।
Maharaj! On the battlefield, the chief warriors of the demons and devils got destroyed after fighting with the Lord, just like moths give up their lives by jumping into a fire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥