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एका मूर्तिर्निर्गुणाख्या योगं परममास्थिता।
द्वितीया सृजते तात भूतग्रामं चराचरम्॥
अनुवाद
पिता जी! मेरा एक निराकार रूप है जो परम योग के आश्रय में रहता है। दूसरा रूप वह है जो जड़-चेतन जीवों के समुदाय की रचना करता है।
Father! I have a formless form which lives under the shelter of supreme yoga. The other form is that which creates the community of animate and inanimate living beings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥