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mahabharat 13.14.d15: तत्पश्चात, अत्यन्त शक्तिशाली भगवान विष्णु शंख, चक्र और गदा धारण करके युद्धरत देवताओं और दानवों के बीच प्रकट हुए।   |   mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा  »  श्लोक d15
 
 
श्लोक  13.14.d15 
ततो देवगणानां च दानवानां च युध्यताम्।
प्रादुरासीन्महातेजा: शङ्खचक्रगदाधर:॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात, अत्यन्त शक्तिशाली भगवान विष्णु शंख, चक्र और गदा धारण करके युद्धरत देवताओं और दानवों के बीच प्रकट हुए।
 
Thereafter, the extremely powerful Lord Vishnu, holding conch, discus and mace, appeared amidst the fighting gods and demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)