Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.139.16: यदि एक ओर तो तुम्हें रत्नों से परिपूर्ण सारी पृथ्वी मिले और दूसरी ओर यह उत्तम ज्ञान मिले, तो उस पृथ्वी को छोड़कर इस उत्तम ज्ञान को सुनना और ग्रहण करना चाहिए। धर्म को जानने वाला व्यक्ति ऐसा मानता है। | mahabharat अध्याय 13.139: स्कन्ददेवका धर्मसम्बन्धी रहस्य तथा भगवान् विष्णु और भीष्मजीके द्वारा माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि एक ओर तो तुम्हें रत्नों से परिपूर्ण सारी पृथ्वी मिले और दूसरी ओर यह उत्तम ज्ञान मिले, तो उस पृथ्वी को छोड़कर इस उत्तम ज्ञान को सुनना और ग्रहण करना चाहिए। धर्म को जानने वाला व्यक्ति ऐसा मानता है।
If on one hand you get the whole earth filled with gems and on the other hand you get this best knowledge, then you should leave that earth and listen to and accept this best knowledge. A person having knowledge of Dharma believes this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥