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श्लोक  13.139.15 
भीष्म उवाच
एतद् धर्मरहस्यं वै देवतानां नराधिप।
व्यासोद्दिष्टं मया प्रोक्तं सर्वदेवनमस्कृतम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- हे मनुष्यों! व्यासजी ने देवताओं द्वारा बताया गया यह धर्म-रहस्य मुझे बताया था। मैंने तुम्हें भी वही बताया है। इसका सभी देवता आदर करते हैं।
 
Bhishmaji says- O Lord of men! Vyasaji had told me this religious secret told by the gods. I have told you the same. This is respected by all the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)