Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.138.5: उनकी सेवा करने से अपार पुण्य और महान फल की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति प्रतिदिन गायों को चारा खिलाता है, वह प्रतिदिन महान पुण्य अर्जित करता है ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 13.138: महादेवजीका धर्मसम्बन्धी रहस्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 138: महादेवजीका धर्मसम्बन्धी रहस्य  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.138.5 
तासु चैव महापुण्यं शुश्रूषा च महाफलम्।
अहन्यहनि धर्मेण युज्यते वै गवाह्निक:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उनकी सेवा करने से अपार पुण्य और महान फल की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति प्रतिदिन गायों को चारा खिलाता है, वह प्रतिदिन महान पुण्य अर्जित करता है ॥5॥
 
By serving them one gains immense virtue and great rewards. A person who feeds cows every day earns great virtue every day. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)