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mahabharat 13.137.5: ब्रह्माजी के वचन सुनकर शान्तचित्त देवताओं ने रेणुका को उस स्थान पर भेजा जहाँ पृथ्वी को धारण करने वाले दैत्यगण उपस्थित थे॥5॥   |   mahabharat अध्याय 13.137: दिग्गजोंका धर्मसम्बन्धी रहस्य एवं प्रभाव   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 137: दिग्गजोंका धर्मसम्बन्धी रहस्य एवं प्रभाव  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.137.5 
पितामहवच: श्रुत्वा ते देवा रेणुकं तदा।
प्रेषयामासुरव्यग्रा यत्र ते धरणीधरा:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी के वचन सुनकर शान्तचित्त देवताओं ने रेणुका को उस स्थान पर भेजा जहाँ पृथ्वी को धारण करने वाले दैत्यगण उपस्थित थे॥5॥
 
After listening to the words of Lord Brahma, the calm-minded gods then sent Renuka to the place where the giants holding up the Earth were present. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)