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mahabharat 13.137.1: भीष्मजी कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात् कमल के समान तेजस्वी ब्रह्माजी ने देवताओं और इन्द्रदेव से इस प्रकार कहा - ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 13.137: दिग्गजोंका धर्मसम्बन्धी रहस्य एवं प्रभाव   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 137: दिग्गजोंका धर्मसम्बन्धी रहस्य एवं प्रभाव  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.137.1 
भीष्म उवाच
तत: पद्मप्रतीकाश: पद्मोद्भूत: पितामह:।
उवाच वचनं देवान् वासवं च शचीपतिम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात् कमल के समान तेजस्वी ब्रह्माजी ने देवताओं और इन्द्रदेव से इस प्रकार कहा - ॥1॥
 
Bhishmaji says – King! Thereafter, Brahmaji, who was radiant like a lotus, said to the gods and Lord Indra in this manner – ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)