के च स्मृता: प्रतीघाता येन मर्त्यान् न हिंसथ।
रक्षोघ्नानि च कानि स्युर्यैर्गृहेषु प्रणश्यथ।
श्रोतुमिच्छाम युष्माकं सर्वमेतन्निशाचरा:॥ ३॥
अनुवाद
वे कौन से प्रतिउपाय (शत्रु के आक्रमण को रोकने के उपाय) हैं जिनका सहारा लेने से तुम सब उन लोगों को हानि नहीं पहुँचाते। वे कौन से रक्षाघ्न मंत्र हैं जिनके जप से तुम सब अपने ही घर में नष्ट हो जाते हो या भाग जाते हो? हे दैत्यों! ये सब बातें हम तुम्हारे मुख से सुनना चाहते हैं।॥3॥
What are those countermeasures (measures to stop the attacks of the enemy) by resorting to which you all do not harm those people. What are those Rakshaghna mantras by reciting which you all get destroyed in your own home or run away? O demons! We want to hear all these things from your mouth.'॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥