Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.135.28: जो व्यक्ति दीपदान करता है, उसका देवता भी आदर करते हैं। उसके लिए सभी दिशाएँ पवित्र हो जाती हैं और जब वह प्रेतलोक में जाता है, तो सूर्य के समान चमकता है। | mahabharat अध्याय 13.135: अरुन्धती, धर्मराज और चित्रगुप्तद्वारा धर्मसम्बन्धी रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताश्चानुमन्यन्ते विमला: सर्वतो दिश:।
द्योतते च यथाऽऽदित्य: प्रेतलोकगतो नर:॥ २८॥
अनुवाद
जो व्यक्ति दीपदान करता है, उसका देवता भी आदर करते हैं। उसके लिए सभी दिशाएँ पवित्र हो जाती हैं और जब वह प्रेतलोक में जाता है, तो सूर्य के समान चमकता है।
Even the gods respect the person who gives away lamps. All directions are pure for him and when he goes to the ghost world, he shines like the sun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥