Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.135.19-20h: उपानह (जूता), छाता और कपिला गौ का भी यथायोग्य दान करना चाहिए। पुष्कर तीर्थ में वेदों के पारंगत विद्वान ब्राह्मण को कपिला गौ दान देनी चाहिए और अग्निहोत्र के नियमों का सब प्रकार से यत्नपूर्वक पालन करना चाहिए। 19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.135: अरुन्धती, धर्मराज और चित्रगुप्तद्वारा धर्मसम्बन्धी रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपानहौ च छत्रं च कपिला च यथातथम्।
पुष्करे कपिला देया ब्राह्मणे वेदपारगे॥ १९॥
अग्निहोत्रं च यत्नेन सर्वश: प्रतिपालयेत्।
अनुवाद
उपानह (जूता), छाता और कपिला गौ का भी यथायोग्य दान करना चाहिए। पुष्कर तीर्थ में वेदों के पारंगत विद्वान ब्राह्मण को कपिला गौ दान देनी चाहिए और अग्निहोत्र के नियमों का सब प्रकार से यत्नपूर्वक पालन करना चाहिए। 19 1/2॥
Upanah (shoe), umbrella and Kapila cow should also be donated in appropriate manner. In the Pushkar pilgrimage, a Kapila cow should be given to a Brahmin who is an expert scholar of the Vedas and the rules of Agnihotra should be followed diligently in every way. 19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥